क्रॉसिंग पार करें तो ट्रेन का खतरा ओवरब्रिज पर चढ़ाई ‘पहाड़’ ओवरब्रिज के नीचे रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास न होने से समस्या

बाराबंकी : ओवरब्रिज बनने के बाद अंडरपास बनाए बगैर 10वीं वाहिनी रेलवे क्रॉसिंग पर दीवार खड़ी कर आवागमन रोक दिया गया है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी दिव्यांग और बुजुर्गों को हो रही है। उन्हें ओवरब्रिज पर चढ़ना जहां पहाड़ है तो रेलवे पटरी पार करने पर ट्रेन का खतरा बना रहता है। बहराइच मार्ग जिसे बौद्ध पथ भी कहा जाता है। इस मार्ग पर शुक्रवार को ओवरब्रिज के नीचे क्रॉसिंग पार कर रहे दिव्यांग व बुजुर्गों से बात हुई तो उनका दर्द छलक पड़ा।


दिव्यांग मसौली क्षेत्र के रुस्तमपुर के निवासी एक दाएं पैर से दिव्यांग बबलू बैसाखी के सहारे साइकिल लेकर क्रॉसिंग पार करता दिखा। क्रॉसिंग पार करने में वह दो बार गिरते-गिरते बचा। उसने कहा कि ओवरब्रिज पर वह साइकिल से चढ़ नहीं सकता। इसलिए किसी तरह क्रॉसिंग को पार करके नीचे से ही आवागमन करता है। वृद्ध आशा राम साइकिल पर पीछे सब्जी लादकर क्रॉसिंग पार कर रहे थे तभी साइकिल का अगला पहिया उठ गया और वह लड़खड़ा गए। रेलवे गेटमैन हरिनाम सिंह ने उसे दौड़कर संभाला। वृद्ध ने बताया कि ओवरब्रिज पर साइकिल से चढ़ा नहीं जाता। क्रॉसिंग पर भी जान जोखिम में रहती है। अंडरपास बन जाए तो हम लोग नीचे आसानी से निकल सकते हैं।


दूध की केन साइकिल में बांधे क्रॉसिंग से निकले मोहनलाल ने कहा कि 65 साल की उम्र हो गई। क्रॉसिंग बंद कर दी गई है। साइकिल से ओवरब्रिज पर चढ़ना इस उम्र में आसान नहीं। बिना दूध बेचे घर में बच्चे भूखों मरेंगे। हरख के निवासी मंगल प्रसाद, जहांगीराबाद निवासी हनीफ, चचेरा निवासी रमेश, सुलतानपुर निवासी आशा राम आदि क्रॉसिंग पार करते समय परेशान दिखे और अंडरपास बनाए जाने की मांग की।



दसवीं वाहिनी पीएसी के निकट स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नीचे क्रॉसिंग को पार करते लोग और क्रासिंग को पार करता दिव्यांग ' जागरण