नहीं आते डॉक्टर, फार्मासिस्ट करते हैं रोगियों का इलाज

 टिकैतनगर (बाराबंकी): घाघरा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती के बावजूद चिकित्सक नहीं आते हैं। ऐसे में नाव से इलाज के लिए आए मरीजों को दूर-दराज जाना पड़ रहा है। यह हाल है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खेतासराय का। यहां पर फार्मासिस्ट ही रोगियों का इलाज करते हैं। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मजबूरी में उन्हें निजी चिकित्सकों के पास जाना पड़ता है।


स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एहसान रजा के अलावा फार्मासिस्ट महेंद्र कुमार, वार्ड ब्वॉय बृजेश श्रीवास्तव व चौकीदार की तैनाती है पर यहां अधिकांश समय फार्मासिस्ट ही रोगियों का इलाज करते मिलते हैं। गुरुवार को दोपहर एक बजे चिकित्साधिकारी डॉ. एहसान रजा अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले। फार्मासिस्ट पेपर पढ़ रहा था तो वार्ड ब्वॉय भी मौजूद नहीं था। फार्मासिस्ट ने बताया उनके द्वारा ही इलाज किया जाता है। गेट के बाहर चिकित्सक का इंतजार कर रहे रतीराम ने बताया यहां पर तैनात चिकित्सा अधिकारी हफ्ते में दो बार ही आते हैं। चिकित्सालय पर दवा की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। जसवंत ने बताया कि शिकायत किए जाने के बाद भी चिकित्सकों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो सका है। पूरे गांव में मच्छरों का प्रकोप है, जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से भी की है। प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हेमंत का कहना है चिकित्सक के न आने की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।



 


प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक बोले शिकायत मिली तो होगी जांच, लोगों को इलाज के लिए लेना पड़ता है झोलाछाप डॉक्टरों का सहारा


टिकैतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद चिकित्साधिकारी कक्ष ' जागरण